लेखक: अलेक्सेइ टॉल्स्टॉय अनु.: आ. चारुमति रामदास लेखक: अलेक्सेइ टॉल्स्टॉय अनु.: आ. चारुमति रामदास
मेरी आँसू भरी आँखों मे एक प्रश्न था ’क्यों रो रही है ?’ मेरी आँसू भरी आँखों मे एक प्रश्न था ’क्यों रो रही है ?’
सभी गाँव वालों को अपने डंडा महाराज पर गर्व था। सभी गाँव वालों को अपने डंडा महाराज पर गर्व था।
हरीश मौन रह कर खुद को संभालने की कोशिश कर रहे थे। हरीश मौन रह कर खुद को संभालने की कोशिश कर रहे थे।
तुम्हारे हिस्से में आया सजा सजाया सुथरा घर उसके हिस्से में आया पाक कौशल तुम्हारे हिस्से में आया स्वा... तुम्हारे हिस्से में आया सजा सजाया सुथरा घर उसके हिस्से में आया पाक कौशल तुम्हारे...
मेरी हिंदी उन्हें काफी अच्छी लगी थी, मुंबई की आम बोलचाल हिंदी की अपेक्षा गृहस्वामी बोले-तुम पढ़ाई क्... मेरी हिंदी उन्हें काफी अच्छी लगी थी, मुंबई की आम बोलचाल हिंदी की अपेक्षा गृहस्वा...